नौकरी के रंग मम्मी बेटी के संग

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नौकरी के रंग मम्मी बेटी के संग

दोस्तो आपके लिएएक और मस्त कहानी पेश कर रहा हूँ आशा करता हू आपको बहुतपस्न्द आएगी ये कहानी मेरी पिछली कहानियों से ज़्यादा अच्छी ना हो पर बुरी भी नही होगी इसी उम्मीद के संग कहानी पेश है दोस्तो काफ़ी दिन से देख रहा हूँ अब आप लोगो को शायद कहानियों मे इंटरेस्ट नही आता इसीलिए तो आप लोगो ने कमेंट देना बिल्कुल ही बंद कर दिया है

भाई आप कमेंट पास करेंगे तभी तो पोस्ट करने वाले का हॉंसला बढ़ेगा और तभी आपकी ये साइट तरक्की करेगी

दोस्तो, मैं समीर. ऊपरव... Continue reading

Heartless_Girl

नौकरी के रंग मम्मी बेटी के संग दोस्तो आपके लिएएक और मस्त कहानी पेश कर रहा हूँ आशा करता हू आपको बहुतपस्न्द आएगी ये कहानी मेरी पिछली कहानियों से ज़्यादा अच्छी ना हो पर बुरी भी नही होगी इसी उम्मीद के संग कहानी पेश है दोस्तो काफ़ी दिन से देख रहा हूँ अब आप लोगो को शायद कहानियों मे इंटरेस्ट नही आता इसीलि...

‘अन्दर आइये न भाभी…’ मैंने भी सभ्यता के लिहाज़ से उनसे घर के अन्दर आने का आग्रह किया। ‘अरे नहीं… अभी ढेर सारा काम पड़ा है… आप आधे घंटे में चले आइयेगा, दोबारा बातें होंगी।’ उन्होंने इतना कहते हुए मुझसे विदा ली और पुनः मुड़ कर अपने घर की तरफ चली गईं। उनके मुड़ते ही मेरी आँखें अब सीधे वहाँ चली गईं जहा...

कमरे पर आकर मैं सोने की तैयारी करने लगा और अपनी आँखों में उन दो खूबसूरत चेहरे बसाये हुए सोने की कोशिश करने लगा। यूँ तो मैंने कई खूबसूरत लड़कियों और औरतों के संग वक़्त बिताया है लेकिन पता नहीं क्यूँ आज इन दो मम्मी बेटियों के चेहरे मेरी आँखों से ओझल ही नहीं हो रहे थे। खुली आँखों में उनकी चमक और आँखें...

मैं रसोई मेंएक हाथ से अपने बरमुडे के उपरि से अपने खड़े लंड को दबा कर बिठाने की कोशिश करने लगा औरएक हाथ से बर्तन ढूंढने लगा। ‘क्या हुआ समीर जी… बर्तन नहीं मिल रहा या दोबारा से भूतनी दिख गई?’ रेणुका जी ये कहते हुए घर में घुस पड़ीं और सीधे रसोई की तरफ आ गईं। मेरा हाथ अब भी वहीं था यानि मेरे लंड पे! भाभ...

कहते हैं कि औरतों को उपरि वाले ने ये गुण दिया है कि वो झट से ये समझ जाएँ कि सामने वाली की नज़र अच्छी है या गन्दी… मेरी नज़रों का निशाना अपनी चूचियों की तरफ देखते ही भाभी के गाल अचानक से लाल हो गए और वो शरमा कर खड़ी हो गईं। मैं भी हड़बड़ा कर खड़ा हो गया और हम दोनोंएक दूसरे से नज़रें चुराते हुए चुपचाप...

Rajsharma Sex Story : नौकरी के रंग मम्मी बेटी के संग


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